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पीताम्बरा · दस महाविद्या

माँ बगलामुखी
हवन एवं अनुष्ठान

अपने नाम व गोत्र द्वारा — नलखेड़ा धाम से

शत्रु बाधा, न्यायालय के प्रकरण, ऋण, व्यापार में रुकावट अथवा ग्रह दोष — विधिवत संकल्प के साथ अनुभवी पंडितजी द्वारा पूजा, और आपके लिए लाइव वीडियो एवं पूर्ण रिकॉर्डिंग।

पांडव कालीन
स्वयंभू प्रतिमा, नलखेड़ा
नाम व गोत्र
विधिवत संकल्प सहित
लाइव वीडियो
व्हाट्सएप पर प्रसारण
पूर्ण रिकॉर्डिंग
पूजा उपरांत लिंक
गर्भगृह में कमल आसन पर विराजमान माँ बगलामुखी की प्रतिमा

अनुष्ठान का महत्व

जहाँ हर रास्ता बंद लगे, वहीं से माँ का मार्ग खुलता है

दस महाविद्याओं में माँ बगलामुखी को स्तम्भन की अधिष्ठात्री कहा गया है — वह शक्ति जो बाधा को उसके स्थान पर रोक देती है। यही कारण है कि न्यायालय के लम्बित प्रकरण, प्रतिद्वंद्विता, अकारण उठते विवाद और व्यापार में बार-बार आने वाली रुकावटों में साधक सबसे पहले माँ की शरण लेते हैं।

हमारे यहाँ प्रत्येक अनुष्ठान यजमान के नाम एवं गोत्र से संकल्प लेकर आरम्भ होता है। शास्त्रोक्त विधि, निर्धारित मंत्र संख्या और शुद्ध सामग्री — पूजा में कोई संक्षिप्तीकरण नहीं किया जाता। आप चाहे देश में हों या विदेश में, पूरी प्रक्रिया आपके सामने वीडियो पर होती है।

  • शास्त्रोक्त विधि, निर्धारित मंत्र जप संख्या
  • यजमान के नाम-गोत्र से विधिवत संकल्प
  • पूजा का दिन एवं समय पहले से सूचित
  • प्रसाद एवं सिद्ध सामग्री डाक द्वारा

हवन · अनुष्ठान · पूजा

अपनी परिस्थिति के अनुसार अनुष्ठान चुनें

प्रत्येक अनुष्ठान की विधि, अवधि एवं सामग्री अलग होती है। यदि निर्णय में असमंजस हो तो व्हाट्सएप पर अपनी समस्या बताइए — उपयुक्त पूजा बता दी जाएगी।

बगलामुखी हवन — हवन कुंड में प्रज्वलित अग्नि

बगलामुखी हवन

माँ बगलामुखी का मूल हवन, जिसमें निर्धारित आहुतियों के साथ मंत्र जप पूर्ण किया जाता है। जीवन की सामान्य रुकावटों, मानसिक अशांति और रुके हुए कार्यों की शुरुआत के लिए सबसे पहले यही अनुष्ठान कराया जाता है।

विधि एवं महत्व जानें
शत्रु बाधा निवारण — यंत्र अंकित रक्षा ढाल

शत्रु बाधा निवारण

जब प्रतिद्वंद्विता, अकारण विरोध या निरंतर परेशान करने वाली परिस्थितियाँ जीवन कठिन बना दें — यह अनुष्ठान यजमान के चारों ओर रक्षा कवच बनाने और विरोध के प्रभाव को शांत करने हेतु किया जाता है।

विधि एवं महत्व जानें
कानूनी विजय अनुष्ठान — न्याय का तराजू

कानूनी विजय अनुष्ठान

न्यायालय में वर्षों से लम्बित प्रकरण, बार-बार टलती तारीखें और कागज़ी उलझनें। माँ बगलामुखी को न्याय-पक्ष की अधिष्ठात्री माना गया है — सत्य के पक्ष में स्थिरता एवं शीघ्र निर्णय हेतु यह अनुष्ठान कराया जाता है।

विधि एवं महत्व जानें
लक्ष्मी प्राप्ति पूजा — कलश से छलकती स्वर्ण मुद्राएँ

लक्ष्मी प्राप्ति पूजा

माँ बगलामुखी के साथ महालक्ष्मी विराजमान हैं। व्यापार में ठहराव, आय के मार्ग बंद होना अथवा धन के टिक न पाने की स्थिति में स्थायी समृद्धि एवं लक्ष्मी कृपा हेतु यह विशेष पूजा की जाती है।

विधि एवं महत्व जानें
ऋण मुक्ति अनुष्ठान — टूटती हुई जंजीर

ऋण मुक्ति अनुष्ठान

कर्ज़ का बोझ केवल आर्थिक नहीं, मानसिक भी होता है। जब चुकाने का प्रयास करने पर भी नया ऋण चढ़ता जाए, तो इस अनुष्ठान द्वारा उस चक्र को तोड़ने और आय के स्थिर मार्ग खुलने हेतु प्रार्थना की जाती है।

विधि एवं महत्व जानें
आकर्षण एवं आत्मबल पूजा — ध्यानमग्न साधक

आकर्षण एवं आत्मबल

साक्षात्कार, मंच, व्यापारिक वार्ता अथवा सार्वजनिक जीवन — जहाँ आपकी बात का प्रभाव पड़ना आवश्यक हो। यह पूजा वाणी में तेज, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व में सहज आकर्षण की वृद्धि हेतु की जाती है।

विधि एवं महत्व जानें
गृह क्लेश शांति पूजा — घर के भीतर जुड़े हुए हाथ

गृह क्लेश शांति

घर में निरंतर कलह, परिवार के सदस्यों के बीच दूरी अथवा वैवाहिक जीवन में तनाव। यह पूजा घर के वातावरण को शांत करने, आपसी समझ लौटाने और परिवार में पुनः सामंजस्य स्थापित करने हेतु की जाती है।

विधि एवं महत्व जानें
रक्षा कवच अनुष्ठान — मंत्र सिद्ध कवच

रक्षा कवच अनुष्ठान

अकारण भय, स्वास्थ्य में बार-बार गिरावट, घर में नकारात्मकता का अनुभव अथवा किसी बाहरी बाधा की आशंका। यह अनुष्ठान यजमान एवं उनके परिवार के चारों ओर सुरक्षा घेरा स्थापित करने हेतु किया जाता है।

विधि एवं महत्व जानें
ग्रह शांति एवं नवग्रह पूजा — नवग्रह मंडल

ग्रह शांति एवं नवग्रह

साढ़े साती, राहु-केतु की दशा अथवा जन्म कुंडली के दोष जब हर प्रयास पर भारी पड़ने लगें। ग्रहों की शांति हेतु नवग्रह हवन एवं संबंधित मंत्र जप विधिवत रूप से सम्पन्न कराया जाता है।

विधि एवं महत्व जानें

बुकिंग से प्रसाद तक

पूजा किस प्रकार सम्पन्न होती है

चार चरणों की सीधी प्रक्रिया। हर चरण पर आपको सूचना दी जाती है, कुछ भी अनुमान पर नहीं छोड़ा जाता।

  1. ०१

    बुकिंग

    व्हाट्सएप पर या नीचे दिए फ़ॉर्म से अपनी समस्या एवं इच्छित अनुष्ठान बताइए। यदि असमंजस हो तो हमारी टीम उपयुक्त पूजा सुझा देगी।

  2. ०२

    संकल्प एवं तिथि

    आपका नाम, गोत्र एवं विवरण लेकर पंडितजी शुभ मुहूर्त देखते हैं। पूजा की तिथि और समय आपको कॉल पर बता दिया जाता है।

  3. ०३

    अनुष्ठान

    निर्धारित समय पर अनुभवी पंडितजी पूर्ण विधि-विधान से पूजा सम्पन्न करते हैं। आप व्हाट्सएप वीडियो पर लाइव जुड़ सकते हैं।

  4. ०४

    रिकॉर्डिंग एवं प्रसाद

    पूजा उपरांत पूरी रिकॉर्डिंग का लिंक भेजा जाता है, जिसे आप कभी भी देख सकते हैं। प्रसाद एवं सिद्ध सामग्री डाक से पहुँचाई जाती है।

नलखेड़ा · आगर मालवा

लखुन्दर नदी के तट पर, पांडव कालीन धाम

माँ बगलामुखी का यह मंदिर मध्य प्रदेश के आगर मालवा ज़िले में, नलखेड़ा नगर के पास लखुन्दर नदी के पूर्वी तट पर स्थित है। मान्यता है कि इसकी स्थापना महाभारत काल में हुई थी। गर्भगृह में माता स्वयंभू प्रतिमा के रूप में विराजमान हैं, और उनके दोनों ओर महालक्ष्मी तथा महासरस्वती की प्रतिमाएँ स्थित हैं।

मंदिर परिसर में भैरव, हनुमान एवं पारदेश्वर राधा-कृष्ण मंदिर के साथ ऋषि-मुनियों की प्राचीन जाग्रत समाधियाँ हैं, जो इस स्थान की प्राचीनता का प्रमाण देती हैं। माता को त्वरित फलदायिनी माना जाता है — यही कारण है कि देश के विभिन्न राज्यों से और विदेशों से भी श्रद्धालु यहाँ दर्शन तथा विशेष अनुष्ठान हेतु आते रहते हैं।

दर्शन एवं अनुष्ठान हेतु संपर्क करें
लखुन्दर नदी के तट पर माँ बगलामुखी मंदिर, नलखेड़ा
मंदिर का घंटा
आम्र पल्लव सहित पूर्ण कलश

मंत्र सिद्ध

सिद्ध कवच, यंत्र एवं माला

मंदिर में विधिवत मंत्र जप एवं प्राण-प्रतिष्ठा के उपरांत तैयार की गई सामग्री, पूरे भारत में डाक द्वारा उपलब्ध।

बगलामुखी सिद्ध यंत्र

बगलामुखी सिद्ध यंत्र

घर अथवा प्रतिष्ठान के पूजा स्थल हेतु स्थापित करने योग्य यंत्र।

विवरण प्राप्त करें →

जिज्ञासा

सामान्य प्रश्न

आपका प्रश्न यहाँ न मिले तो सीधे व्हाट्सएप पर पूछ लीजिए — उत्तर उसी दिन मिल जाएगा।

व्हाट्सएप पर प्रश्न पूछें →

पूजा बुक करने के बाद आगे क्या होता है?

बुकिंग मिलते ही हमारी टीम आपके दिए नंबर पर कॉल करके विवरण की पुष्टि करती है और यदि कोई विशेष मनोकामना हो तो उस पर चर्चा करती है। इसके बाद शुभ तिथि तय होकर आपको सूचित कर दी जाती है, और निर्धारित दिन पंडितजी आपकी ओर से संकल्प लेकर अनुष्ठान सम्पन्न करते हैं।

यदि मैं पूजा के समय उपस्थित न रह सकूँ तो?

कोई हानि नहीं होती। संकल्प आपके नाम एवं गोत्र से लिया जाता है, इसलिए पंडितजी आपकी अनुपस्थिति में भी पूरी विधि से अनुष्ठान सम्पन्न करते हैं। पूजा के बाद आपको पूरी रिकॉर्डिंग का लिंक भेज दिया जाता है, जिसे आप अपनी सुविधा से देख सकते हैं।

पूजा के दौरान संपर्क किस माध्यम से रहेगा?

अनुष्ठान का सीधा प्रसारण व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर किया जाता है, जिससे आप अपने घर बैठे पूरी प्रक्रिया देख सकते हैं। इसके अतिरिक्त फोन, व्हाट्सएप संदेश अथवा ज़ूम — जो आपको सुविधाजनक लगे — उस माध्यम से हमारी टीम पूरी प्रक्रिया के दौरान उपलब्ध रहती है।

क्या विदेश से भी पूजा कराई जा सकती है?

जी हाँ। संकल्प के लिए आपकी शारीरिक उपस्थिति आवश्यक नहीं, केवल नाम और गोत्र चाहिए। समय आपके देश के समयानुसार तय कर लिया जाता है, और प्रसाद अथवा सिद्ध सामग्री अंतर्राष्ट्रीय डाक से भेजी जा सकती है।

परिणाम दिखने में कितना समय लगता है?

यह अनुष्ठान की प्रकृति और प्रत्येक व्यक्ति की परिस्थिति पर निर्भर करता है। शास्त्रों में पूजा को श्रद्धा एवं धैर्य का विषय बताया गया है — किसी निश्चित समय-सीमा का दावा हम नहीं करते। अनुष्ठान को अपने स्वयं के प्रयासों के पूरक के रूप में देखें, विकल्प के रूप में नहीं। चिकित्सा अथवा कानूनी विषयों में योग्य विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

संपर्क करें

अपनी पूजा बुक करें

विवरण भरिए — फ़ॉर्म आपकी जानकारी के साथ सीधे व्हाट्सएप खोल देगा। चाहें तो सीधे कॉल भी कर सकते हैं।

फोन एवं व्हाट्सएप

+91 62647 50478

ईमेल

info@jaijaiambe.com

धाम

माँ बगलामुखी मंदिर, नलखेड़ा
आगर मालवा, मध्य प्रदेश

बटन दबाते ही यह जानकारी लेकर व्हाट्सएप खुल जाएगा। कोई भुगतान अभी नहीं लिया जाता।

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